स्ट्रेटेजिक टाइम आउट क्या है | Strategic time out meaning in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट तो आपने बहुत देखा होगा, बहुत लोगों की जानने की उत्सुकता हैं कि स्ट्रेटेजिक टाइम आउट क्या, कितने समय को होता हैं और क्यों होता हैं, तो चलिए जानते हैं स्ट्रेटेजिक टाइम आउट क्या है (Strategic time out meaning in Hindi) – 

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट क्या है (Strategic time out meaning in Hindi) – 

Strategic time out meaning in Hindi

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट T20 लीग मैच के दौरान लिया जाने वाला एक थोड़े समय का अंतराल हैं, जिसका मकसद होता हैं, खिलाड़ियों को कुछ मिनट के लिए आराम देना.

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट अंतर्राष्ट्रीय T20 मैचों में उपयोग में नहीं लिया जाता, स्ट्रेटेजिक टाइम आउट का ज्यादातर प्रयोग T20 लीगों के दौरान किया जाता हैं, जैसे आईपीएल, बिग बैश लीग या फिर PSL.

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट कितने समय का होता हैं?

  • 2.5 मिनट

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट 2 मिनट 30 सेकंड का होता हैं, मतलब 150 सेकेंड, जिसमें मैच में एक पारी के दौरान 2 स्ट्रेटेजिक टाइम आउट होता हैं, मतलब बल्लेबाजी करने वाली टीम और गेंदबाजी करने वाली टीम दोनों को 2.5-2.5 मिनट मिलते हैं.

साल 2009 में पहली बार स्ट्रेटेजिक टाइम आउट लाया गया, इसके बाद यह सभी T20 लीग में लागू किया जाने लगा.

विश्व में होने वाले T20 लीगों में वे अपने हिसाब से इस समय को घटा बढ़ा सकते हैं, आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट का समय 2.5 मिनट से 3 मिनट के बीच हैं.

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट कितने ओवर के बाद होता हैं?

  • गेंदबाजी टीम  – छठवें और नौवे ओवर में
  • बल्लेबाजी टीम – 13वे और 16वे ओवर में

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने वाली अपने हिसाब से किस ओवर में लेना हैं, उसे चुन सकती हैं.

गेंदबाजी करने वाली टीम छठवें और नौवे ओवर में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट ले सकती हैं, वहीँ बल्लेबाजी करने वाली टीम 13वे और 16वे ओवर में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट ले सकती हैं.

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट का उद्देश्य क्या हैं?

  • खिलाड़ियों को विश्राम देना
  • विज्ञापन से पैसा कमाना

स्ट्रेटेजिक टाइम आउट का मुख्य उद्देश्य हैं, खिलाड़ियों को थोड़ी देर के लिए विश्राम देना हैं, इस दौरान खिलाड़ी थोड़ा विश्राम करते हैं, साथ ही किसी को पानी पीना हो या फिर लघु संका जाना हो तो वो जा सकता हैं.

इस दौरान बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने प्रचार के लिए मोटा पैसा देती हैं, जैसे साल 2018 से साल 2023 तक CEAT कंपनी स्ट्रेटेजिक टाइम आउट स्पोंसर बनने के लिए 30 करोड़ रुपए BCCI को दिए थे.

तो स्ट्रेटेजिक टाइम आउट खिलाड़ियों को विश्राम देने के साथ साथ BCCI को करोड़ों रुपए कमा कर भी देती हैं.

आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के फायदे – 

जैसा की स्ट्रेटेजिक टाइम आउट से BCCI करोड़ों का मुनाफा बना ही रही हैं, साथ ही आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान गेंदबाजी करने वाली टीम एक इम्पैक्ट प्लेयर को खेलने के लिए मैदान में बुला सकती हैं, जिससे खेल का मजा और बढ़ जाता हैं.

वहीँ स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान मैच प्रसारण करने वाले चैनल विज्ञापन से करोड़ों रुपए कमाते हैं.

स्टार नेटवर्क आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान सिर्फ 10 सेकेंड के विज्ञापन के लिए 10 लाख रुपए लेती हैं, मतलब सिर्फ एक मैच में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान स्टार नेटवर्क 3.6 करोड़ रुपए कमा लेती हैं.

वहीँ T20 फॉर्मेट जैसे फटा-फट गेम में खिलाड़ियों को बहुत कम समय रहता हैं मैदान में पहुँचने में तो ऐसे में खिलाड़ियों को पानी पीने और लघु शंका जाने के लिए थोड़ा समय मिल जाता हैं और उन्हें मैच के दौरान और अच्छा प्रदर्शन कर पाते है.

आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के नुकसान – 

आईपीएल में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान मैच फिक्सिंग के मामले सामने आए हैं, कई खेल विशेषज्ञ का मानना हैं कि स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान बेटिंग करने वालो ज्यादा सक्रीय हो जाते हैं, ऐसे में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट जैसे मजेदार चीज के लिए यह एक कमी भी हैं.

निष्कर्ष – 

जब से T20 क्रिकेट चालू हुवा हैं, तब से लेकर आजतक इसकी प्रसिद्धि चरम पर हैं, ऐसे में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट मैच के दौरान एक अलग ही तड़का लगाता हैं, और दर्शक और खिलाड़ियों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता हैं.

इसे भी पढ़े –

IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज

IPL में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

IPL में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज

दोस्तों जानकारी अच्छी लगी हो तो इस आर्टिकल को शेयर जरुर करे और क्रिकेट से जुड़े रिकॉर्ड और जानकारियों के लिए बाए तरफ के बेल आइकॉन को दबाकर crick hindi को subscribe जरुर करें, धन्यवाद दोस्तों।